नमस्कार मेरी blog पृतिबि सभी हिंसन एक दिन सकारत्मक चिंता करनाचाइहे सूबे उठने से पेले अमारा चिंता क एक सकरात्मक चिंता से परिणत करना पडेगा हिसिलिये अमारा दिन एक आचसे बीतजाहे काबीबी आम नकरात्मक चिंता नहीं करना चाईए नकरात्मक चिंता से मानब का सब काम खेती अजाहेगा सब दिन आम एक बेतरीन काम करनेकेलिए चेस्टा और प्रयास करना अमरा मौलिक आबस्यक हे सभी दिन अच्छी चिंता करेगा त अमारा सब काम ठीक ठाक हो जाहेगा हिसिलिये जीबन में कितना बी परिसन अहेगा त आम को चिंता में नेही रेना चाईए चिंता को कैसे दूर केरे ; --- अमारा जीबन में जो बी बुरा दिन आहेगे आम आचसे निभाना पड़ेगा...
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